बापू के ऐसे आश्रमवासी और साधक चिन्मय सुख के अधिकारी हैं

ईश्वर प्राप्ति का इरादा पक्का

जहाँ चाह वहाँ राह

असम्भव कुछ भी नहीं

ईश्वर प्राप्ति के लिए संसारी चीजो की जरुरत नही

संसार से इंद्रियां सुख, मनुष्य को बनाएंगे भोगी

ईश्वर और संतो से चिन्मे सुख, मनुष्य को बनाएंगे योगी

नितय नवीन सुख का अनुभव

पाप से हृदय तपन

भगवान नारायण के दो हृदय -वैकुंठ और ब्राह्मणानी का हृदय

अपने साथ अन्याय ना करो, संतों की शरण जाओ

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संत परम स्वतंत्र होते हैं !

कब तक संसार का साथ

नाशवान संसार

बिन ज्ञान – जनम और मरन

योग वशिष्ठ महारामायण- मोक्ष का द्वार

योग वशिष्ठ महारामायण- एक महान धर्म ग्रंथ

वशिष्ठ जी महाराज का जीवन

संसार छोड़ो, अपने आप से मिलो

देवरहा बाबा का जीवन

इंदिरा गांधी ने किया देवरहा बाबा के दर्शन

संतो के हुक्म से चलती है दुनिया

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Khali Samajh Le aur Sadacharan Kar len (Tatvic Satsang) – Sant Shri Asaram ji Bapu

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Khali Samajh Le aur Sadacharan Kar len  (Tatvic Satsang) – Sant Shri Asaram ji Bapu
खाली समझ लें और सदाचरण कर लें …
भगवान कहीं बैठ कर दुनिया बनाता है ..ये वहम निकाल दो …..
जो भगवान नहीं हैं , वो हाथ खड़ा करो …..ऐसा नहीं मानना है कि कोई दो हाथ पैर वाला , चार हाथ पैर वाला कहीं बैठ कर दुनिया बनाता है ….
भगवान अगर हमसे अलग हैं तो व्यापक नहीं है …हम भगवान से अलग है तो हम जड़ हैं …जड़ होते तो बोलते कैसे ? …
उस भगवान को पाने का , उसके स्वरुप को जानने का बस एक बार लगन लग जाए …ये आत्मज्ञान की विद्या ऐसी दिव्य विद्या है कि इसमें शरीर को सताना नहीं है , किसी देव को बुलाना नहीं है …कुछ नया बनाना नहीं है …..केवल जो जैसा है वैसा समझ कर ….. परम तृप्ति … परम प्राप्ति …

3 दिन में हो सकता है साक्षात्कार

https://www.youtube.com/watch?v=xYnqRgH-xFI&feature=youtu.be

 

स्वामी रामतीर्थ जीवन और दर्शन

चित में आत्म प्रकाश

परहित के लिए काम, हृदय में शांति और आनंद का आगामान

अति उत्तम साधक को 3 में ईश्वर प्राप्ति

सहन शक्ति पृथ्वी की नाय

सुनम जेसे सौराभ

सूर्य जेसा प्रकाश

शेर जेसी निर्भिकाता

गुरुवो जैसे उदारता

आकाश जेसी व्याप्तता

संसार से तड़प

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Gajanan Maharaj ki adbhut samata aur divya lila prasang-Shegaon – Pujya Bapuji

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Gajanan Maharaj ki adbhut samata aur divya lila prasang-Shegaon – Pujya Bapuji
What kind of company do you keep? Who do you associate with? Associations have a lot to do with the development of your life. The type of people one lives with, the people whom he serves or gets service from and the expectations in his mind all go a long way toward building the individual’s life style.

Hari Om

आपका उद्देश्य क्या है ?

https://www.youtube.com/watch?v=fTC-w2S5NV0

 

भगवान हरि का नाम लेने से मंगल

‘ईश्वर की प्राप्ति’ ही ‘मानव जीवन’ का है ‘परम लक्ष्य’

ईश्वर प्राप्ति के सभी दुखो से मुक्ति

अनुकूलता और प्रतिकूलता प्रकृति का स्वभाव

आत्म सुख ही परम सुख

सत्संग से ही परम सुख

आत्मा अमर है

राग द्वेष ही सभी दुख का कारण

उद्देश्य है सब दुखो से मुक्ति

तुलसीदास के जीवन का किस्सा

TAG – संत आसाराम बापू, ब्रम्ह ज्ञानी, भगवान हरि, ईश्वर की प्राप्ति, अनुकूलता, प्रतिकूलता, आत्म सुख, सत्संग, राग द्वेष, तुलसीदास

Sharir se mamta hati to ise khilana pilana daan punya ho jayega- P.P.Sant Shri Asharamji Bapu

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Sharir se mamta hati to ise khilana pilana daan punya ho jayega- P.P.Sant Shri Asharamji Bapu
Keeping a good watch on the dietary habits will naturally develop virtuous qualities in you. ‘Like food like mind’. As per this proverb in Hindi, if you take virtuous food the virtuosity will be enhanced by itself. You will be able to increase your Divine riches with ease and alacrity and get rid of vices and bad behaviour.

Hari Om

शिष्य परम सौभाग्यशाली कब हुआ ?

https://www.youtube.com/watch?v=nFkDOEnVPSM

भगवान वेद व्यास जी

भगवान भक्त पर कृपा करते हैं

गुरु का पूजन

सतगुरु ही सच्चिदानंद परमात्मा

संसार सपना सिर्फ परमात्मा अपना

स्वामी विवेकानंद की जिवनी

ध्यान मुलम गुरु मूर्ति

वामन पंडित की जिवनी

गुरु का अधिकार भगवान से भी बड़ा

गुरु कृपा ही केवलम शिष्य परम मंगलम

TAG – संत आसाराम बापू, ब्रम्ह ज्ञानी, वेद व्यासजी, भगवान, भक्त, गुरु, सतगुरु, सच्चिदानंद, परमात्मा, संसार, स्वामी विवेकानंद, ध्यान, वामन पंडित, गुरु कृपा

Indian Classical Music & it`s effect on health – Sant Asaramji Bapu

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Indian Classical Music & it`s effect on health – Part I 
Indian Classical Music & it`s effect on health – Part II
Indian Classical Music & it`s effect on health – Part III
Even though the items used in the preparation of food are good, but they are subjected to unhealthy processes like frying, seasoning, etc. and if the food has been kept for more than three hours after cooking; it can generate rajas or tamas qualities. Adverse or contra items can have a harmful effect, like taking spicy food along with milk. Taking onion, curd just before or after milk is considered impure. Such conflicting food habits can be harmful to the body. It can lead to skin diseases, leprosy etc. There is one simple convention with respect to food and drinks. Whatever food you can give in offering to God or Sad guru is worth having. Whatever food you feel hesitant to offer should not be partaken. It is also harmful to eat anything other than fruits within three hours of taking a meal.

Hari Om

Technique to become Healthy : Tribandh Pranayam- Sant Asharamji Bapu

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Technique to become Healthy : Tribandh Pranayam- Sant Asharamji Bapu
Nature of Food

Food should be prepared out of only those items that are pious by nature. Milk, ghee, rice, flour, moong and vegetables like lauki (bottle gourd), parval(pointed gourd), karela(bitter gourd) and such other vegetables are recommended. Food prepared using these is virtuous. On the other hand, food that is hot, sour, pungent, salty or sweet induces passion(the quality of Rajas). Garlic, onion, meat, fish and eggs are forbidden. One should refrain from these lest perturbance, diseases and worries afflict.

Hari Om