आदि भौतिक, आदि दैविक, आध्यात्मिक सत्ता

आदि भौतिक सत्ता में हम जी रहे हैं

आदि देविक सत्ता बहुत सूक्ष्म होती है जो आंखों से नहीं दिखती

आध्यात्मिक सत्ता दोनों सत्ता ओं से सूक्ष्म

सत्संग से बहुत लाभ

मनुष्य को सद्भाव रखना चाहिए

आध्यात्मिक ऊर्जा जगाओ

अष्टावक्र महाराज ने दिया राजा जनक को सत्संग

गुरु की कृपा पचाव

प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने पाया रमण महर्षि के चरणों में सत्संग और शांति

जो सुख अंदर है वह बाहर नहीं है

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