आपका उद्देश्य क्या है ?

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भगवान हरि का नाम लेने से मंगल

‘ईश्वर की प्राप्ति’ ही ‘मानव जीवन’ का है ‘परम लक्ष्य’

ईश्वर प्राप्ति के सभी दुखो से मुक्ति

अनुकूलता और प्रतिकूलता प्रकृति का स्वभाव

आत्म सुख ही परम सुख

सत्संग से ही परम सुख

आत्मा अमर है

राग द्वेष ही सभी दुख का कारण

उद्देश्य है सब दुखो से मुक्ति

तुलसीदास के जीवन का किस्सा

TAG – संत आसाराम बापू, ब्रम्ह ज्ञानी, भगवान हरि, ईश्वर की प्राप्ति, अनुकूलता, प्रतिकूलता, आत्म सुख, सत्संग, राग द्वेष, तुलसीदास