क्या हालचाल है …? – प.पू. संत श्री आशारामजी बापू

asaram bapu, asharam bapu

क्या हालचाल है …? – प.पू. संत श्री आशारामजी बापू

क्या हालचाल है …? – प.पू. संत श्री आशारामजी बापू

जन्म लिया था उस समय जितनी आयुस थी उतनी अभी नहीं है और सत्संग में आये थे उस समय जितने श्वास बाकि थे अभी नहीं हैं |
क्या हाल-चाल है सच पूंछो तो मर रहे हैं कोई कहराते हुए तो कोई हस्ते – खेलते भ्रमित होकर मर रहे हैं कि हम सुखी हैं मौज में हैं|
सुख सुविधा मिल गयी तो सुखी हो गए नही मिली तो दुखी अरे! अपने आप कि तो खबर ही नही है सही बात तो ये है |
भव: – जो पैदा होता है उसे भव बोलते है और जो पैदा होता है वही मरता है लेकिन अपना आपा पैदा भी नही होता और मरता भी नहीं | थाप्या भी नही जाता और करने से भी नही बनता है आत्मा |
सही बात तो ये है कि अपने आप का पता कि नहीं है बस शरीर को मैं और वस्तुओं को मेरा मानकर सुखी-दुखी हो रहे हैं |
जो अपने लिए बल मानता है वो निर्बल हो जाता है बल है समाज की सेवा करने के लिए | विश्वास है भगवान के लिए और ज्ञान है अपने लिए |

About Asaram Bapuji

Asumal Sirumalani Harpalani, known as Asaram Bapu, Asharam Bapu, Bapuji, and Jogi by his followers, is a religious leader in India. Starting to come in the limelight in the early 1970s, he gradually established over 400 ashrams in India and abroad.