गणपति उपासना रहस्य

कर्म करने में आश्रय ईश्वर का

भ्रष्ट होने वाले कर्म को जो सच मानता है उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है

जो कभी ना बदले वह परमात्मा

साकार नहीं निराकार है ईश्वर

भावना से भगवत आकार वृद्धि

आश्रय और उद्देश्य भगवान

ॐ गं गणपतये नमः उपासना

शरीर में नहीं हूं

रॉक और पॉप म्यूजिक से जीवन का पतन

धन्य है भारतीय संस्कृति

TAG- संत आसाराम बापू, ब्रम्ह ज्ञानी, आत्म साक्षात्कार, कर्म, ईश्वर, बुद्धि, साकार, निराकार, ॐ गं गणपतये नमः, वृद्धि, शरीर, रॉक और पॉप म्यूजिक, भारतीय संस्कृति