ज्ञान के प्रकाश में जियो

हे भारतवासी तू सूर्य के साथ अपनी एकता कर

हे मानव तू अपने कर्मों से ब्रह्मलोक तक को छू

ईश्वर साक्षात्कार करो

भौतिक उन्नति नाशवान है

जीवन में अहंकार ना आए

शास्त्र की बातों के अनुसार जीवन बनाओ

लीलाशाह प्रभु की असीम कृपा

श्रीराम और श्रीकृष्ण की तरह प्रसन्न रहो

परमात्मा प्रेम के भूखे हैं

भगवान वेदव्यास जी ने लिखा विश्व का पहला ग्रंथ

Tag – संत आसाराम बापू, ॐ , सत्संग, ब्रम्ह ज्ञानी, आत्म साक्षात्कार, भारतवासी, मानव, ब्रह्मलोक, भौतिक उन्नति, जीवन, अहंकार, शास्त्र, लीलाशाह प्रभु, श्रीराम, श्रीकृष्ण, प्रेम, भगवान वेदव्यास जी