दिव्य सृष्टि का प्रसाद | बंशी नाद ध्यान

परमेश्वरी आनंद-सबसे बड़ा आनंद

कृष्ण की करुणा कृपा

कृष्णा की लीला

नज़रों से वो निहाल हो गए जो कृष्ण की नज़र मे अl जlते है

जहां भक्त, वहां भगवान

कन्हैया का माधुर्या सर्व व्यापाक

निर्दुख होकर जीये

प्रभु रस पी सारी जिंदगी सुधर जाएगी

अमर पद पाओ

राम राघव रक्षामः, कृष्ण केशव प्राहिमान

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