निज ज्ञान का आदर

संत आसाराम बापू

मनुष्य का विवेक

सब कुछ परमात्मा का स्वरुप

शरीर में ही स्वस्थ मन तथा आत्मा का निवास

शरीर को में मानना ही मूर्खता

परमात्मा सबका सहारा

परमात्मा – आनंद का सागर

संसार से वैराग्य

पति पत्नी का मधुर व्यवहार

प्राप्त वस्तुओं का सदुपयोग

ईश्वर की सुन्दर व्यवस्था

ईश्वर सत्य है

TAG – संत आसाराम बापू, ब्रम्ह ज्ञानी, मनुष्य, परमात्मा, शरीर, आत्मा, वैराग्य, पति, पत्नी,  वस्तुओं , ईश्वर