प्रभु तेरी मर्जी पूर्ण हो

अपनी इच्छा पूरी हुई तो सुख का उपभोग करके मनुष्य पतन की ओर अग्रसर होता है

इच्छापूर्ति हुई तो सुख को बांट दो

इच्छा पूर्ति के सुख का सदुपयोग करो

सभी इच्छाएं किसी की पूरी नहीं होती

अनावश्यक इच्छाओं को मन से निकाल दो

मन को एकाग्र करो

अंतर्यामी मधुमेह परमेश्वर को पाओ

आत्मसाक्षात्कार ही सारे दुखों की निवृति का एकमात्र उपाय

इंद्रियों का दास ना बनो

जीवन में सत्संग बहुत जरूरी है

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