प्रेम भक्ति ध्यान

परमात्मा संतो के द्वारा भक्तों का भरण पोषण करते हैं

वशिष्ठ जी ने दिया भगवान राम को सत्संग

श्री कृष्ण ने की ओंकार की धुन से प्रेम की वर्षा

प्रेम के समान कोई पंत नहीं

संतो की महफिल, भगवान के प्यारों की महफिल

संत की वाणी सत्संग होती है

प्रभु एक ही सत्ता

नानक जी का सत्संग

संत शरण में मिलती है शांति

सत्संग का पुण्य सबसे बड़ा पुण्य

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