बुद्धि का विकास कैसे करें

चिंता और चिंतन दोनों अलग है

चिंता से आदमी दुखी होता है

चिंतन से आदमी सुखी होता है

चिंतन करने में नजरिया चाहिए

चिंतन भगवान का करो

भौतिक और आध्यात्मिक

भौतिक नाशवान है तमोगुण की विधि करता है

भविष्य की चिंता कभी ना करो

भगवान को हमेशा धन्यवाद दो

जगत का स्वामी मेरा आत्मा होकर कर बैठा है

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