महाशुभ मुहूर्त : गुडी पड़वा – पूज्य बापूजी

gudi11महाशुभ मुहूर्त : गुडी पड़वा – पूज्य बापूजी
३१ मार्च
चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा या गुडी पड़वा वर्ष का आरम्भ दिवस माना जाता है | कई प्रकार से यह महत्त्वपूर्ण हाउ | एक तो प्राकृतिक ढंग से, कि यह वसंत ऋतू है | गीता के दसवें अध्याय के ३५ वें श्लोक में भगवान ने इस ऋतू की महिमा बताते हुए कहा है : ऋतूनां कुसुमाकर: | ‘ऋतुओं में वसंत मैं हूँ |’
दूसरा ऐतिहासिक ढंग से, कि भगवान राम ने इस दिन बालि का वध किया था, गुडी पड़वा पर्व के दिन विजयपताका फहरायी | शालिवाहन ने शत्रुओं पर विजय पायी, जिससे इस दिन से शालिवाहन शक प्रारंभ हुआ | इसी दिन राजा विक्रमादित्य ने शकों पर विजय पायी और विक्रम संवत्सर प्रारम्भ हुआ | चैत्री नवरात्र भी इसी दिन से शुरू होता है | आध्यात्मिक दंग से देखें तो यह सतयुग का प्रारम्भिक दिवस हैं | वर्ष के साढ़े तीन शुभ मुहूर्तो में से एक है गुडी पड़वा का दिन ! यह बिना मुहूर्त के मुहूर्त है अर्थात इस पुरे दिन शुभ मुहूर्त रहता है, पंचांग में शुभ मुहूर्त नहीं देखना पड़ता | इस दिन जितना भी भजन, ध्यान, जप, मौन, सेवा की जाय, उसका अनेक गुना फल मिलता है | अंतर्मुख होना हो तो इसके लिए यह बड़ा हितकारी दिवस है |