मृत्यु के भय से कैसे बचें ?

मृत्यु के भय से कैसे बचें ?

यज्ञवल्क्य ने राजा जनक को ब्रह्मविद्य सिखाई

वाणी ब्रह्मा है

वाणी और उसके प्रकार

वाणी का उदगम स्तल चैतन्य परमेश्वर

गुरु सब ज्ञान के दाता

जनक राजा को हुआ आत्म साक्षात्कार

अंत में सब कुछ छूट जायेगा

मौत से मुक्ति केसे

शरीर मारता है, में आत्मा अमर हूं

अप सतत सिद्ध हो

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