मृत्यु निकट हो तो क्या करना चाहिए ?

पृथ्वी जल आकाश अग्नि धरती मनुष्य सपने परमात्मा

अपने ब्रह्म स्वरूप को जानो

भविष्य की चिंता नहीं करनी चाहिए

भूतकाल का सुमिरन जा बार-बार नहीं करना चाहिए

वर्तमान में विषयों की आसक्ति ना करो

सुखदेव जी ने सुनाया राजा परीक्षित को सत्संग

भगवान हमारे परम हितेषी

सभी का आत्मा, वही परमेश्वर

ईश्वर ही सिर्फ तुम्हारा

उपनिषदों का अनुसरण करो

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