राग और द्वेष से बचो

पूर्ण सुख स्वरूप की तरफ जागृत हो

आवश्यक संकल्प करो अनावश्यक संकल्प से बचो

इच्छापूर्ति से सुख की आसक्ति ना करो

निर्विकल्प का से भगवत सामर्थ्य

राग द्वेष जन्म मरण के कारण

ईश्वर प्राप्ति में राग द्वेष बाधक

राग और प्रीति भगवान में रखो

महेश्वर पद में जागृति रखो

राग और द्वेष सबसे बड़ा दोष

राग और द्वेष से व्यक्ति अयोग्य हो जाता है

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