व्यवहार में भगवत शांति

कर्मों के फल का त्याग करने से शांति मिलती है

कामी पुरुष दुख ही पाता है

ईश्वर प्राप्ति के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं

योगी शांति पाते हैं

सत्संग से ही असली शांति मिलती है

राग द्वेष से ही सब दुख

भगवान कृष्ण का सत्संग

संतो के संग से ही असली शांति और सुख

मनुष्य के अंदर असीम सामर्थ्य

संसार में सारे कर्म सुख के लिए ही किए जाते हैं

Tag – संत आसाराम बापू, ॐ , सत्संग, ब्रम्ह ज्ञानी, आत्म साक्षात्कार, कर्मों, शांति, कामी पुरुष, योगी, राग द्वेष, भगवान कृष्ण, संतो, मनुष्य, संसार