Anand Ke Paanch Swabhav

Anand

आनंद के पाँच स्वभाव – परम पूज्य श्री आशारामजी बापू 

* सत स्वरुप परमात्मा का स्वभाव है, चेतन स्वरुप परमात्मा का स्वभाव है , आनंद परमात्मा का स्वभाव है, दुःख बेवकूफी का फल है, परेशानी वासना और बेवकूफी का फल है. ..

* आनंद के पाँच नियम जान लो, पाँच बातें जान लो …

1. आनंद का कोई कारण नहीं है शुद्ध आनंद ऐसे ही मिलता है, हर हाल में आनंद स्वतेह सिद्ध है …

2. आनंद का कोई कार्य नहीं है, आनंद सारे कार्यो का फल है …

3. आनंद का कोई प्रतिस्पर्धी नहीं है …

4. आनंद में सजातीय-विजातीय भेद नहीं, आनंद एक ब्रह्म का है एक का एक  …

5.  आनंद अपरोक्ष है, अभी है यहाँ भी है …

*  तुम दुःख को जानते हो, दुःख सतत नहीं रहेता, दुःख आया चला गया फिर सुख आया …