अनंत, अनादि, अनीश्वर, देवों के देव महादेव को क्या नाम से पुकारें ?

images (1)अनंत, अनादि, अनीश्वर, देवों के देव महादेव को क्या नाम से पुकारें ?

शिव  –              कल्याण स्वरूप
महेश्वर –          माया के अधीश्वर
शम्भू –             आनंद स्स्वरूप वाले
पिनाकी –          पिनाक धनुष धारण करने वाले
शशिशेखर –      सिर पर चंद्रमा धारण करने वाले
वामदेव –          अत्यंत सुंदर स्वरूप वाले
विरूपाक्ष –        भौंडी आँख वाले
कपर्दी –           जटाजूट धारण करने वाले
नीललोहित –    नीले और लाल रंग वाले
शंकर –            सबका कल्याण करने वाले
शूलपाणी –       हाथ में त्रिशूल धारण करने वाले
खटवांगी –       खटिया का एक पाया रखने वाले
विष्णुवल्लभ –  भगवान विष्णु के अतिप्रेमी
शिपिविष्ट –     सितुहा में प्रवेश करने वाले
अंबिकानाथ –   भगवति के पति
श्रीकण्ठ –        सुंदर कण्ठ वाले
भक्तवत्सल –   भक्तों को अत्यंत स्नेह करने वाले
भव –             संसार के रूप में प्रकट होने वाले
शर्व –             कष्टों को नष्ट करने वाले
त्रिलोकेश –      तीनों लोकों के स्वामी
शितिकण्ठ –    सफेद कण्ठ वाले
शिवाप्रिय –     पार्वती के प्रिय
उग्र –            अत्यंत उग्र रूप वाले
कपाली –        कपाल धारण करने वाले
कामारी –       कामदेव के शत्रु
अंधकारसुरसूदन – अंधक दैत्य को मारने वाले
गंगाधर –       गंगा जी को धारण करने वाले
ललाटाक्ष –     ललाट में आँख वाले
कालकाल –    काल के भी काल
कृपानिधि –    करूणा की खान
भीम –          भयंकर रूप वाले
परशुहस्त –    हाथ में फरसा धारण करने वाले
मृगपाणी –    हाथ में हिरण धारण करने वाले
जटाधर –      जटा रखने वाले
कैलाशवासी – कैलाश के निवासी
कवची –        कवच धारण करने वाले
कठोर –        अत्यन्त मजबूत देह वाले
त्रिपुरांतक –  त्रिपुरासुर को मारने वाले
वृषांक –       बैल के चिह्न वाली झंडा वाले
वृषभारूढ़ –   बैल की सवारी वाले
भस्मोद्धूलितविग्रह – सारे शरीर में भस्म लगाने वाले
सामप्रिय –   सामगान से प्रेम करने वाले
स्वरमयी –   सातों स्वरों में निवास करने वाले
त्रयीमूर्ति –   वेदरूपी विग्रह करने वाले
अनीश्वर –   जिसका और कोई मालिक नहीं है
सर्वज्ञ –       सब कुछ जानने वाले
परमात्मा – सबका अपना आपा
सोमसूर्याग्निलोचन – चंद्र, सूर्य और अग्निरूपी आँख वाले
हवि –          आहूति रूपी द्रव्य वाले
यज्ञमय –    यज्ञस्वरूप वाले
सोम –        उमा के सहित रूप वाले
पंचवक्त्र –   पांच मुख वाले
सदाशिव –   नित्य कल्याण रूप वाले
विश्वेश्वर – सारे विश्व के ईश्वर
वीरभद्र –     बहादुर होते हुए भी शांत रूप वाले
गणनाथ –   गणों के स्वामी
प्रजापति –   प्रजाओं का पालन करने वाले
हिरण्यरेता – स्वर्ण तेज वाले
दुर्धुर्ष –       किसी से नहीं दबने वाले
गिरीश –    पहाड़ों के मालिक
गिरिश –    कैलाश पर्वत पर सोने वाले
अनघ –      पापरहित
भुजंगभूषण – साँप के आभूषण वाले
भर्ग –         पापों को भूंज देने वाले
गिरिधन्वा – मेरू पर्वत को धनुष बनाने वाले
गिरिप्रिय –   पर्वत प्रेमी
कृत्तिवासा – गजचर्म पहनने वाले
पुराराति –    पुरों का नाश करने वाले
भगवान् –    सर्वसमर्थ षड्ऐश्वर्य संपन्न
प्रमथाधिप – प्रमथगणों के अधिपति
मृत्युंजय –   मृत्यु को जीतने वाले
सूक्ष्मतनु –   सूक्ष्म शरीर वाले
जगद्व्यापी – जगत् में व्याप्त होकर रहने वाले
जगद्गुरू –     जगत् के गुरू
व्योमकेश –    आकाश रूपी बाल वाले
महासेनजनक – कार्तिकेय के पिता
चारुविक्रम –   सुन्दर पराक्रम वाले
रूद्र –            भक्तों के दुख देखकर रोने वाले
भूतपति –      भूतप्रेत या पंचभूतों के स्वामी
स्थाणु –        स्पंदन रहित कूटस्थ रूप वाले
अहिर्बुध्न्य –   कुण्डलिनी को धारण करने वाले
दिगम्बर –     नग्न, आकाशरूपी वस्त्र वाले
अष्टमूर्ति –    आठ रूप वाले
अनेकात्मा –  अनेक रूप धारण करने वाले
सात्त्विक –    सत्व गुण वाले
शुद्धविग्रह –    शुद्धमूर्ति वाले
शाश्वत –      नित्य रहने वाले
खण्डपरशु –   टूटा हुआ फरसा धारण करने वाले
अज –          जन्म रहित
पाशविमोचन – बंधन से छुड़ाने वाले
मृड –           सुखस्वरूप वाले
पशुपति –      पशुओं के मालिक
देव –           स्वयं प्रकाश रूप
महादेव –      देवों के भी देव
अव्यय –       खर्च होने पर भी न घटने वाले
हरि –           विष्णुस्वरूप
पूषदन्तभित् – पूषा के दांत उखाड़ने वाले
अव्यग्र –       कभी भी व्यथित न होने वाले
दक्षाध्वरहर – दक्ष के यज्ञ को नष्ट करने वाले
हर –            पापों व तापों को हरने वाले
भगनेत्रभिद् – भग देवता की आंख फोड़ने वाले
अव्यक्त –   इंद्रियों के सामने प्रकट न होने वाले
सहस्राक्ष –   अनंत आँख वाले
सहस्रपाद –  अनंत पैर वाले
अपवर्गप्रद – कैवल्य मोक्ष देने वाले
अनंत –      देशकालवस्तुरूपी परिछेद से रहित
तारक –     सबको तारने वाला
परमेश्वर – सबसे परे ईश्वर​