AMD BSK (4) AMD BSK (3) AMD BSK (2) AMD bal sant sammelanBal sant sammelan – Sant Shri Asharamji Ashram, Ahmedabad – Janmashtamji Festival.

सभी आगमों में सदाचार कोहीश्रेष्ठ बताया गया है। सदाचार धर्मनिष्ठ और सच्चरित्रवान पुरुष का लक्षण है। सदाचार से धर्म की उत्पत्ति होती है और सदाचार से ही मनुष्य को आयु, लक्ष्मी, लोक परलोक में कीर्ति तथा सत्स्वरूप परमात्मा की प्राप्ति होती है। दुराचारी मनुष्य को मानव-जन्म के इन वरदानों से वंचित ही रहना पड़ता है।

यदि मनुष्य अपना कल्याण करना चाहता है तो उसके लिए सदाचार का पालन अनिवार्य है। कितना भी महापापी क्यों न हो, यदि वह भगवान को अपना मानकर सदाचार के पालन में तत्पर हो जाय तो उसके उद्धार में कोई संशय नहीं रहता।

पाश्चात्य सभ्यता के अंधानुकरणवश वर्तमान पीढ़ी अपनी भारतीय संस्कृति का सदाचरण-धर्म भूलती जा रही है। कब क्या करना और क्या न करना इसके शास्त्रसम्मत मार्गदर्शन के अभाव में उसका अधःपतन हो रहा है। किंतु ऐसे घोर कलिकाल में सबके हितैषी विश्ववंदनीय संत श्री आशाराम बापू जी के गुरुकुलों में शास्त्रोक्त सदाचार-धर्म का ज्ञान दिया जाता है, जिससे बच्चे उसका पालन करके सुखी, स्वस्थ, सम्मानित और प्रसन्न जीवन जी सकें।