Bhagwad Smruti Me Khoj Jaa.. (भगवद स्मृति में खो जा …)

smruti
प्रेम की बोली का नाम संगीत है , प्रेम की चाल का नाम नृत्य है , और प्रेमास्पद में अपनी मै को खो देना विश्रांति है …..अपनी तरफ से ध्यान मत करो , अपनी तरफ से जप मत करो , होने दो , करता को उसकी प्रीती में बह जाने दो ……

उसकी स्मृति में तुम खोते जाओ और उसी मय होते जाओ …..

आनंद देवा , माधुर्य देवा , मेरे स्व देवा , मेरे पूर्ण देवा , मेरे परमात्मा देवा ….ये परमात्मा के प्यारों की महफ़िल है यहाँ चतुराई से बात समझ नहीं आएगी …….