Category Archives: आश्रम दर्शन

रायपुर आश्रम वैशाखी पूर्णिमा

रायपुर आश्रम वैशाखी पूर्णिमा

वैशाखी (बुद्ध ) पूर्णिमा पर संत श्री आशारामजी  आश्रम रायपुर (छ.ग.) में साधको ने श्री आशारामायण पाठ , मानस – पादुका पूजन , सामूहिक माला पूजन , जप  मंगल आरती कर भोजन प्रसादी लिया  गया |

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विद्यार्थियों की सर्वांगीण उन्नति का सुनहरा अवसर

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‘Vidyarthi Ujjwal Bhavishya Nirman Shibirs’ are being held during vacations so as to rid students of weakness and inferiority feelings. Secondly, students are trainded in Yoga and noble traits are inculcated in them through ‘Yoga Va Uchcha Samskar Shiksha Abhiyan’. National-level competitions are being conducted for the development of students’ spiritual knowledge. In just 3 such competitions, more than 22 lakh sutdents have been benefited. Another initative taken by Pujya Bapuji is organising of ‘Matri Pitri Pujan Divas’ to save the youth of India from the decadent western custom of Valentine Day and inculcating love and respect for parents in the youth. ‘Matri Pitri Punan Divas’ is celebrated on 14th February every year in homes and also in a number of schools. There are also available to students, VCDs, MP3s of Pujyashree’s satsang and literature, which contain tius to improve memory and to to get good marks in examinations and also inspiring anecdotes to give correct direction to students’ life. Lakhs of students have profited from them and have elevated their lives; are doing so and will continue to do so. Param Pujya Bapuji wants to give to the country and also to the world, ideal citizens, by making them abundantly endowed with a strong body, sharp & intelligent mind, full of Self-confidence and multifariously talented. Pujyashree says, “Those lacking in self-restraint and probity in life can not make progress in life nor can they do anything great for the society. Fascination for materialism, and egotism drowns therm. They suffer the fate Ravana and Kamsa did. The society and the country comprised of such people lag behind in real happiness and peace and in spiritual progress.”

पूज्य संत श्री आशारामजी बापू के आशीर्वाद से अहमदाबाद आश्रम में आयोजित दीपावली  विद्यार्थी अनुष्ठान शिविर
विद्यार्थियों की सर्वांगीण उन्नति का सुनहरा अवसर
 पूज्य बापूजी से प्राप्त सारस्वत्य मंत्र के नियमित जप व अनुष्ठान से असंख्य विद्यार्थियों के जीवन में चमत्कारिक लाभ हुए हैं और उन्होंने सफलता के उच्च शिखरों को छुआ है ।
 विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आध्यात्मिक स्पंदनों से ओतप्रोत अहमदाबाद आश्रम के पवित्र व सात्त्विक वातावरण में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दीपावली के शुभ अवसर पर सारस्वत्य मंत्र का सात दिवसीय विद्यार्थी अनुष्ठान शिविर का आयोजन किया जा रहा है ।
 दिनांक – 30 अक्टूबर से 5 नवम्बर 2016
28 जून से रेल्वे टिकट का रिजर्वेशन शुरू हो रहा है | अतः जल्दी से जल्दी रिजर्वेशन करवा लें |
 शिविर की विशेषताएँ
 पूज्यश्री की विडियो सत्संग अमृत-वाणी का दिव्य लाभ |
 त्रिकाल संध्या, भगवन्नाम जप, अनुष्ठान, सत्संग, संध्या वंदन, कीर्तन आदि |
 विद्यार्थियों के शारीरिक विकास, एकाग्रता, स्मरणशक्ति आदि में वृद्धि के लिए विभिन्न यौगिक प्रयोग का प्रशिक्षण |
 विभिन्न स्पर्धाओं का आयोजन,  विजयी विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरण ।
इस अनुष्ठान शिविर का आप भी लाभ लें और अपने क्षेत्र के सारस्वत्य मंत्र दीक्षित बच्चों को भी लाभ दिलवायें |

 

 

रायपुर आश्रम में पूर्णिमा दर्शन

रायपुर आश्रम में पूर्णिमा दर्शन

24 दिसम्बर 2015 को रायपुर आश्रम में पूर्णिमा दर्शन पर प्रार्थना – वंदना, श्री आशारामायण पाठ ,गुरु – पादुका पूजन ,भजन – कीर्तन ,माला पूजन कार्यक्रम के पश्चात मंगल आरती किया गया |  

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रायपुर आश्रम राखी पूर्णिमा

रायपुर आश्रम राखी पूर्णिमा

29 अगस्त रायपुर आश्रम में राखी पूर्णिमा धूमधाम से मनाई गई जिसमे साधको ने सुबह श्री आशारामायण के पाठ के साथ कार्यक्रम की सुरुवात की उसके बाद गुरु ,पादुका व मानस पूजन के साथ माला पूजन भी किया 1:53 भद्रकाल की समाप्ति के बाद अपने पूज्य गुरुदेव को राखी बंधी गयी  |

रक्षाबंधन पर्व पर महिला उत्थान मंडल रायपुर के बहनो द्वारा श्री बृजमोहन अग्रवालजी  कृषि मंत्री   (केबिनेट )   को राखी बंधी गई ।

 

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आश्रम दर्शन- नासिक

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परम पूज्य संत श्री आसारामजी बापू

स्वपनावस्था में आप शेर को देखते हैं और ड़रते हैं कि वह आपको खा जायेगा | परंतु आप जिसको देखते हैं वह शेर नहीं, आप स्वयं हैं | शेर आपकी कल्पना केअतिरिक्त और कुछ नहीं | इस प्रकार जाग्रतावस्था में भी आपका घोर-से-घोर शत्रु भी स्वयं आप ही हैं, दूसरा कोई नहीं | प्रथकत्व, अलगाव के विचार को अपने हृदय से दूरहटा दो | आपसे भिन्न कोई मित्र या शत्रु होना केवल स्वप्न-भ्रम है |

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यदि आप सर्वांगपूर्ण जीवन का आनन्द लेना चाहते हो तो कल की चिन्ता छोड़ो | अपने चारों ओर जीवन के बीज बोओ | भविष्य में सुनहरे स्वपन साकार होते देखनेकी आदत बनाओ | सदा के लिये मन में यह बात पक्की बैठा दो कि आपका आनेवाला कल अत्यन्त प्रकाशमय, आनन्दमय एवं मधुर होगा | कल आप अपने को आज सेभी अधिक भाग्यवान् पायेंगे | आपका मन सर्जनात्मक शक्ति से भर जायेगा | जीवन ऐश्वर्यपूर्ण हो जायेगा | आपमें इतनी शक्ति है कि विघ्न आपसे भयभीत होकर भागखड़े होंगे | ऐसी विचारधारा से निश्चित रूप से कल्याण होगा | आपके संशय मिट जायेंगे |

आश्रम दर्शन -बड़गांव, जिला-खारगोन (मध्यप्रदेश)

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किसी भी देश की सच्ची संपत्ति संतजन ही होते है | ये जिस समय आविर्भूत होते हैं, उस समय के जन-समुदाय के लिए उनका जीवन ही सच्चा पथ-प्रदर्शक होता है | एक प्रसिद्ध संत तो यहाँ तक कहते हैं कि भगवान के दर्शन से भी अधिक लाभ भगवान के चरित्र सुनने से मिलता है और भगवान के चरित्र सुनने से भी ज्यादा लाभ सच्चे संतों के जीवन-चरित्र पढ़ने-सुनने से मिलता है | वस्तुतः विश्व के कल्याण के लिए जिस समय जिस धर्म की आवश्यकता होती है, उसका आदर्श उपस्थित करने के लिए भगवान ही तत्कालीन संतों के रूप में नित्य-अवतार लेकर आविर्भूत होते है | वर्तमान युग में यह दैवी कार्य जिन संतों द्वारा हो रहा है, उनमें एक लोकलाडीले संत हैं अमदावाद के श्रोत्रिय, ब्रह्मनिष्ठ योगीराज पूज्यपाद संत श्री आसारामजी महाराज |