Category Archives: Ashram News

यह भूल गुरु के द्वार पर ही निकलती है .. !

रामायण को ध्यान से पढ़ना पड़ता है

भौतिक वासना से बचे

आध्यात्मिक रूचि वाले लोगों का संघ

संत जनों के चरणों में जाओ

योग: कर्मसु कौशलम्

साधक मुख्य वृद्धि ब्रह्म में लगा है

भगवत प्राप्ति कठिन नहीं है

समय का सदुपयोग

मृत्यु के समय कोई साथ नहीं देगा

वासुदेव सर्वं इति

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अध्यात्म क्या है ?

हरि सम जग कछु वस्तु नहीं

सद्गुरु सम सज्जन नहीं

हरि- सब पाप ताप हर ले

सब कुछ हरि

हरि अध्यात्म तत्व

आपके जीवन में 3 धाराएं

अंतःकरण की संपूर्ण से शरीर चलता है

सब बदलता है

हमारा आत्मदेव महाकाल के साथ जुड़ा हुआ है

आत्मा अकाल है

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ॐ ॐ प्रभुजी ॐ | मधुमय ध्यान

सर्वत्र व्याप्त रहा है परब्रह्म परमात्मा

परमेश्वर सबका साक्षी

ओंकार मंत्र सब कुछ देने वाला है

ॐ के अलावा और कुछ नहीं सभी ॐ

वासना और अहम को खत्म करना है

अनेक रुप में ॐ

ॐ परमेश्वराय नमः

सब आत्मा स्वरुप

ओंकार शांत स्वरूप

ओंकार स्वरूप चैतन्य परमात्मा

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भगवान आसाराम बापू कौन सी घुट्टी पिलाते हैं , अपने भक्तों को ?

अहंकार विनाश का कारण

प्रेम बहुत उदार

प्रेम और सद्भाव लो और दो

भगवान श्री कृष्ण ने उद्धव को दिया ज्ञान

प्रेमी के जीवन में नित्य नवीन रस

वासुदेव सर्वं इति

कौन अपना, कौन पराया

आत्मा से कभी नहीं बिछड़ सकते

संसार और शरीर को सदा रख नहीं सकते

मनुष्य की मांग है आत्मा परमात्मा का सुख

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शमशान यात्रा | जब तुम्हारी मृत्यु होगी तब कुछ ऐसा होगा !

मृत्यु तो शरीर की होकर रहेगी

आपकी मृत्यु कभी नहीं हो सकती, आप आत्मा हो

शरीर के मरने के बाद भी आप रहते हो आप अजर अमर आत्मा हो

ईश्वर प्राप्ति बहुत सरल

मृत्यु के 1 झटके में सब पराए

शरीर नश्वर, आत्मा अमर

हे अज्ञानी मनुष्य मृत्यु के एक झटके में सब कुछ छूट जाएगा

शरीर शमशान की डिपाजिट है

मौत भी प्रभु की कृपा

मंगलमय जीवन मृत्यु पुस्तक मृत्यु के अवसर पर पढ़ें और पढ़ाएं

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उत्तरायण दक्षिणायन के मध्य में क्या ?

उत्तरायण पर्व का महत्व

वशिष्ठ जी ने जो सत्संग भगवान राम को दिया वही सत्संग आपको भगवान आसाराम बापू द्वारा मिल मिल रहा है

वशिष्ठ जी और भगवान राम का संदर्भ

आत्म साक्षात्कार को जीवन का परम लक्ष्य बनाओ

जन्म मरण के दुख से पार लगाता है आत्मसाक्षात्कार

आत्म साक्षात्कार करना कठिन नहीं

आत्मा सभी सुखों का मूल्य

आत्मज्ञान से ह्रदय शीतल

सदा संतो के संग से होता है आत्म साक्षात्कार

प्रभु लीलाशाह जी महाराज ने दिखाया भगवान आसाराम बापू को आत्म साक्षात्कार का रास्ता

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गणेश चतुर्थी को क्यों नहीं देखना चाहिए चंद्रमा को ? | गणेश चतुर्थी विशेष

गुणों के स्वामी है भगवान गणेश

भगवान शंकर और भगवान गणेश युद्ध

परम संदेश देने वाला भगवान गणेश का जीवन

भगवान गणेश का श्री विग्रह

भगवान गणेश का वाहन चूहा

पहले भगवान गणेश की पूजा

गणेश चतुर्थी का महत्व

गणेश चतुर्थी के दिन चांद ना देखें

चंद्र देव पर लगाया कलंक

चौथ का चंद्रमा देखने से श्रीकृष्ण को लगा कलंक

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ऐसे लोगों के सामने दुःख नहीं टिक पाता

वशिष्ठ जी और राम जी का संदर्भ

बंधन और मुक्ति क्या है?

शरीर को मैं मानना ही बंधन

दुखों से छूटने का नाम ही मोक्ष

चैतन्य स्वरूप ही है आत्मदेव

मन में दुख आया तो आप दुखी नहीं

सत्संग से ही आत्मदेव की प्राप्ति

भगवान की समृद्धि

संत रामकृष्ण परमहंस जी का संदर्भ

दो प्रकार की प्रगति

आत्म उन्नति के लिए समय निकालो

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गणपति उपासना रहस्य

कर्म करने में आश्रय ईश्वर का

भ्रष्ट होने वाले कर्म को जो सच मानता है उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है

जो कभी ना बदले वह परमात्मा

साकार नहीं निराकार है ईश्वर

भावना से भगवत आकार वृद्धि

आश्रय और उद्देश्य भगवान

ॐ गं गणपतये नमः उपासना

शरीर में नहीं हूं

रॉक और पॉप म्यूजिक से जीवन का पतन

धन्य है भारतीय संस्कृति

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बुद्ध पुर्णिमा विशेष | ताने और बदनामी सह के भी अनंत का ही सन्देश दिया है महापुरुषों ने

भगवान बुद्ध की कथा

वेश्या ने लगाए भगवान बुद्ध पर आरोप

लोग और समाज हुआ भगवान बुद्ध से वंचित

भगवान बुद्ध पर लगा वैश्या की हत्या का आरोप

भगवान बुद्ध के साथ हुआ जुल्म

संत समाज को अनंत की परिधि में ले जाते हैं

संत विरोधी दुष्ट और नीच होते हैं

गुरु नानक का हुआ था विरोध

गुरु तेग बहादुर ने अपने धर्म के लिए कटाया अपना सर

गुरु गोविंद सिंह जी ने धर्म के लिए दी अपने परिवार की कुर्बानी

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