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सिंहस्थ कुंभ पर्व – नाशिक (महाराष्ट्र)

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सिंहस्थ कुंभ

इस साल सिंहस्थ कुंभ का पर्व नाशिक (महाराष्ट्र) में १४ जुलाई २०१५ से ११ अगस्त २०१६ तक सम्पन्न हो रहा है | नाशिक में सिंहस्थ पर्व आज १४ जुलाई २०१५ ध्वज लहराकर शुरू हो रहा है | देशभर के सभी धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक संस्था ये पर्व में सामिल हो रहे है | ये २१ वे शतक बड़ा धार्मिक उत्सव माना जा रहा है |

सिंहे गुरुस्तथा भानुचन्द्रश्चद्रक्षयस्तथा |
गोदावर्या तदा कुंभो जायतेऽअवनि मण्डले ||

जिस समय देवगुरु बृहस्पति सिंह राशीमें प्रवेश करेंगे और १३ मास स्थित रहेंगे तब उस समय सभी ने जिस ठिकाण पर त्र्यंबक गिरी पर्वतपर सर्व पाप प्रनाशिनी जगदोद्धारिणी माता गौतमी गंगा – गोदावरी उत्पन्न हो गयी | उसका मूलस्थान व ज्योतिर्लिग त्र्यंबकेश्वर याने ब्रह्मा – विष्णु – शंकर साथ होनेवाले ऐसे तीर्थराज कुशावर्त व त्र्यंबकेश्वर जे सान्निध्य में सिंहस्थ पर्वकाल में पदार्पण करने से अपना मलिन दूर होकर पावित्र्य प्राप्त होगा ऐसा वर दिया था |

भारत में नाशिक में त्र्यंबकेश्वर, हरिद्वार, उज्जैन, प्रयाग ये चार स्थान पर कुंभ होता है |

गंगा – गोदावरी मंदिर

नाशिक में रामकुंडपर श्री गंगा – गोदावरी का मंदिर है | ये मंदिर खाली सिंहस्थ के १३ मास में ही खुला रहता है | उसके उपरान्त ये मंदिर ११ वर्ष के काल में बंद रहता है |

गौतमी ऋषि के हाथ से ब्रह्महत्येका पातक हुआ था | गौतमी ऋषि को श्री शंकरजी के जटा में वास्तव करनेवाली गंगा का स्नान करने से उसका पातक हट जायेगा ऐसा ऊ:शाप दिया था | उसी कारण गौतमी ऋषि ने घोर तपश्चर्या करके शंकरजी प्रसन्न किया, परन्तु गंगामाता शंकरजी के जटा से बाहर नहीं निकल रही थी | तो गंगा माता हर बारा वर्ष में सब देव, संत, महंत, विविध स्थान के तीर्थ अर्पण करके गोदावरी का सम्मान करेंगे | ऐसा वचन देने के बाद उसी समय से हर बारा वर्ष के बाद सिंहस्थ को गोदावरी पूजन की प्रथा शुरू हो गयी | उसका प्रतिक मानकर एक तप के बाद ये श्री गंगा- गोदावरी का मंदिर खुला किया जाता है |

सिंहस्थ शाहीस्नान –

ध्वजारोहण : १४ जुलाई २०१५                 नाशिक  – रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर – कुशावर्त में
आखाडा ध्वजारोहण : १९ अगस्त २०१५   नाशिक – रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर – कुशावर्त में
पहला शाहीस्नान : २९ अगस्त २०१५       नाशिक – रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर – कुशावर्त में
दूसरा शाहीस्नान : १३ सितम्बर २०१५     नाशिक – रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर – कुशावर्त में
तीसरा शाहीस्नान : १९ सितम्बर २०१५    नाशिक – रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर – कुशावर्त में
ध्वजावतरण : ११ अगस्त २०१६              नाशिक – रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर – कुशावर्त में

१४ जुलाई २०१५ से ११ अगस्त २०१६ तक प्रमुख तिथि :

श्रावण शुद्ध प्रतिपदा – १५ अगस्त २०१५
श्रावण शुद्ध एकादशी – १६ अगस्त २०१५
श्रावण शुद्ध पूनम – २९ अगस्त २०१५
श्रावण शुद्ध अमावस्या – ८ सितम्बर २०१५
ऋषि पंचमी – १३ सितम्बर २०१५
एकादशी – १८ सितम्बर २०१५
भाद्रपद पूनम – २५ सितम्बर २०१५
सर्वपित्री अमावस्या – २८ सितम्बर २०१५
कोजागरी पूनम – १२ अक्टूबर २०१५
कार्तिक एकादशी – २६ अक्टूबर २०१५
त्रिपुरारी पूनम – २४ नवम्बर २०१५
मकरसंक्रांति – १४ जनवरी २०१६
श्री गंगा – गोदावरी उत्सव – ९ फरवरी २०१६
वसंत पंचमी – १३ फरवरी २०१६
रथसप्तमी – १४ फरवरी २०१६
महाशिवरात्रि – ८ मार्च २०१६
सूर्यग्रहण – ९ मार्च २०१६
चैत्री पूनम – २२ अप्रैल २०१६
वरूथिनी एकादशी – ३ मई २०१६
वैशाखी अमावस्या – ५ जून २०१६
श्री गंगा – गोदावरी उत्सव – ५ से १५ जून २०१६
जेष्ठ शुक्ल एकादशी – १६ जून २०१६
जेष्ठ पूनम – २० जून २०१६
जेष्ठ वद्य एकादशी – ३० जून २०१६
जेष्ठ अमावस्या – ४ जुलाई २०१६
आषाढ़ शुद्ध प्रतिपदा – ५ जुलाई २०१६
आषाढ़ शुद्ध एकादशी – १५ जुलाई २०१६
आषाढ़ वद्य एकादशी – ३० जुलाई २०१६
आषाढ़ अमावस्या – २ अगस्त २०१६
श्रावण शुद्ध प्रतिपदा – ३ अगस्त २०१६
श्रावण शुद्ध सप्तमी – १० अगस्त २०१६