Category Archives: Satsang

छत्तीसगढ़ स्तरीय साधना शिविर बिलासपुर में

छत्तीसगढ़ स्तरीय साधना शिविर बिलासपुर में 

पूज्य संत श्री आशारामजी बापू के आशीर्वाद से साध्वी तरुणा बहन के सानिध्य में छत्तीसगढ़ स्तरीय 3 दिवसीय आवासीय साधना शिविर दिनांक 21 से 23 जुलाई तक झुलेलाल मंगलम, नया बस स्टैंड, तिफरा ,बिलासपुर में संम्पन्न हुवा ,बड़ी संख्या में भक्तजन सामिल हुए भीड़ देखते ही बनती थी |

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अवतरण दिवस साध्वी लीना बहनजी के सानिध्य में

अवतरण दिवस साध्वी लीना बहनजी के सानिध्य में

17 अप्रैल को पूज्य संत श्री आशारामजी बापू का 81 वाँ अवतरण दिवस बेलोदी – दुर्ग आश्रम में साध्वी लीना बहनजी के सानिध्य में धूमधाम से मनाया गया | अवतरण दिवस निमित्त सत्संग के बाद भंडारा का भी आयोजन किया गया | एक दिन पहले प्रभात फेरी भी निकाला गया तथा 13 अप्रैल को अवतरण दिवस निमित्त शरबत वितरण किया गया |IMG-20170417-WA0049IMG-20170417-WA0059

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रायपुर आश्रम शरद पूर्णिमा महोत्सव

रायपुर आश्रम में शरद पूर्णिमा महोत्सव

                 15 – 16 अक्टूबर को संत श्री आशारामजी आश्रम रायपुर (छ.ग.) में पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की कृपा पात्र शिष्या साध्वी कृष्णा देवीजी के सानिध्य में सत्संग व शरद पूर्णिमा महोत्सव  धूमधाम से मनाया गया |जिसमे दीदी ने बताया  अपने भीतर के शत्रुओं – काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्‍सर पर विजय प्राप्‍त कर ली वह सबसे बड़ा वीर है । सदगुरु की पूजा करने से सभी देवों की पूजा हो जाती है ।

              शरद पूर्णिमा के महत्व को बताते हुए साध्वी जी ने कहा कि इसे कोजागर पूर्णिमा भी कहते हैं । इस रात माता लक्ष्‍मी की उपासना भी की जाती है । जब शरद पूर्णिमा की रात भगवान श्री कृष्ण ने अपने अधरों से बासुंरी बजाई उस बांसुरी की धुन को सुनकर भगवान शंकर की समाधि खुल गई,स्वर्ग के देवता स्वर्ग के सुख वैभव को भूल गए, जमुना जी स्थिर हो गई,गोपीया अपनी सुध बुध खो बैठी ।

रात्रि में साध्‍वी कृष्‍णा बहन ने श्रद्धालुओं को चन्द्रमा की ओर देखते हुए त्राटक करवाया, भगवन्‍नाम कीर्तन के साथ मध्‍यरात्रि 12 बजे मानस पूजन के साथ ध्‍यान कराया जिसमें सभी बहुत आनंदित हुए । इसके बाद भजन-कीर्तन के साथ सामूहिक नृत्‍य भी कराया गया । पूज्‍य की मंगल आरती के बाद चंद्रमा की किरणों में पुष्‍ट हुए खीर का वितरण किया गया । आश्रम परिसर में दमे के को विशेष बूटीयुक्‍त खीर का वितरण किया गया जिसका लाभ बड़ी संख्‍या में दमे के मरीजों ने लिया ।

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विश्राम पाने की कला – आसाराम बापू जी

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आत्मविश्रांति से सामर्थ्य मिलता है |
संसार तेरा घर नहीं , दो चार दिन रहना यहाँ , कर याद अपने राज्य की , स्वराज्य निष्कंटक जहाँ |
चारो तरफ सुदर्शन धारी का चक्र चल रहा है | – एक ही सत्ता, परमात्मा सत्ता – बुध्धि में भगवद्बल कैसे बढे ?
मुझे गाड़ी मिल जाये, पैसे मिल जाये, आखिर क्या ? – इच्छारहित होना – आत्मसुख, आत्मा में शांति पा ले | – कर्म का नियमन – कर्म का फल श्रम रहित अवस्था – शोक, चिंता, ओज, तेज, बल – बीती हुयी बात, भविष्य की चिंता – चिंतन – विश्राम – भगवान में विश्रांति, बापूजी का आशीर्वाद जहा से आ रहा है वह पंहुच ने का राजमार्ग |

नित्य और अनित्य विचार

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तात्त्विक सत्संग के कुछ मुख्य अंश:

जगत की बदलाहट को जो जानता है, वो अबदल परमात्मा है…आत्मा परमात्मा एक सत्ता है, जैसे तरंग और पानी….भगवत प्रसादजा मति और तत्त्व प्रसादजा मति कैसे बनती है?….परमात्मा का हम उपयोग करते हैं या उपभोग…मनुष्य के पास नित्य और अनित्य विचार करने का विवेक/बुद्धि होती है….तुम नित्य परमात्मा के अमृतपुत्र हो…सुख दुःख आ आ कर चले जाते हैं…सदा नहीं रहते…

हम नित्य हैं लेकिन अविवेकी होकर अनित्य जगत का उपभोग करते हैं…आत्मा परमात्मा को पाने का जो उद्देश्य बनाता है उसकी बुद्धि ऊँची हो जाती है….जगत का उपभोग करने वाले नीच योनियों में जाते हैं…नश्वर का उपभोग करने वाले नाश को प्राप्त होते हैं….

भगवान् का स्वभाव जानो और संसार का स्वभाव जानो…बेड़ा पार हो जायेगा….

प्रारब्ध और पुरुषार्थ के सिद्धांत…प्रारब्ध का ही होना है तो पुरुषार्थ क्यों करें?

जिन संतों पर ज्यादा अत्याचार / कुप्रचार होता है, उनका यश उतना ही लम्बे समय तक रहता है और अधिक फैलता है…साईं बाबा (शिरडी वाले) के हयाती काल में इतने लोग नहीं मानते थे जितने आज मानते हैं….विवेकानंद जी, गुरु नानक का खूब कुप्रचार हुआ, लेकिन उनका यश उतना ही अधिक है आज….

शिव भक्त रावण ने कैलाश पर्वत को लंका ले जाने का प्रयास किया…

पूर्व के हल्के संस्कारों को कैसे जीतें?

श्रेष्ठ पुरुष कौन है ?

योग वशिष्ठ सत्संग और उसकी व्याख्या…