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Khali Samajh Le aur Sadacharan Kar len (Tatvic Satsang) – Sant Shri Asaram ji Bapu

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Khali Samajh Le aur Sadacharan Kar len  (Tatvic Satsang) – Sant Shri Asaram ji Bapu
खाली समझ लें और सदाचरण कर लें …
भगवान कहीं बैठ कर दुनिया बनाता है ..ये वहम निकाल दो …..
जो भगवान नहीं हैं , वो हाथ खड़ा करो …..ऐसा नहीं मानना है कि कोई दो हाथ पैर वाला , चार हाथ पैर वाला कहीं बैठ कर दुनिया बनाता है ….
भगवान अगर हमसे अलग हैं तो व्यापक नहीं है …हम भगवान से अलग है तो हम जड़ हैं …जड़ होते तो बोलते कैसे ? …
उस भगवान को पाने का , उसके स्वरुप को जानने का बस एक बार लगन लग जाए …ये आत्मज्ञान की विद्या ऐसी दिव्य विद्या है कि इसमें शरीर को सताना नहीं है , किसी देव को बुलाना नहीं है …कुछ नया बनाना नहीं है …..केवल जो जैसा है वैसा समझ कर ….. परम तृप्ति … परम प्राप्ति …

वास्तविक सुख का रहस्य – पुराना दुर्लभ सत्संग

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  • ब्रह्मज्ञानी ही जीवन मुक्त पुरुष
  • युक्ति से मुक्ति
  • ज्ञान से अंतःकरण की शुद्धि
  • दों प्रकर की विद्या : ऐहीक विद्या और ब्रह्म विद्या
  • सुकरात के जीवन का एक किस्सा
  • ज्ञान-विज्ञान परमात्मा
  • परमात्मा सबका  दाता
  • भगवान के स्वभाव को उजागर करते हुए ब्रह्मज्ञानी
  • ईश्वर प्राप्ति की ओर
  • क्षमा करो भगवन्

निज ज्ञान का आदर – दुर्लभ सत्संग

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  • मनुष्य का विवेक
  • सब परमात्मा का स्वरुप
  • शरीर में ही स्वस्थ मन तथा आत्मा का निवास
  • शरीर को मैं मानना ही मूर्खता
  • परमात्मा सबका सहारा
  • परमात्मा – आनंद का सागर
  • संसार से वैराग्य
  • पति-पत्नी का मधुर व्यवहार
  • प्राप्त वस्तुओं का सदुपयोग
  • ईश्वर की सुन्दर व्यवस्था
  • ईश्वर सत्य है

निश्चिन्त होते जाओ – मौन साधना – संत श्री आशारामजी बापू

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तात्विक सत्संग : –

निश्चिन्त, निर्भिक और आत्मियता से जियो। ये तिन सूत्र जानो …।

जो तुम्हे दुर्बल बनाये उसे त्यागो ।

मुक्तानंद स्वामी और भक्त की कथा |

विश्रांति का प्रयोग |

भगवान किसी देश, काल, वस्तु, अवस्था मे है ऐसी भ्रमणा छोड दो ।

सूक्ष्म अहंकार क्या है?

श्वासों-श्वास का तारिका।

शत्रु-विरोधियों को भगवान प्रेरित करते हैं?

कुत्ते के पिल्लो को कौन प्रेरित करते हैं?