Category Archives: Gurupushyamrut Yog

गुरुपुष्यामृतयोग – १२ मई २०१६

Itni rui

गुरुपुष्यामृत योग – गुरूवार – १२ मई २०१६  ( सूर्योदय से रात्रि 10.47 तक ) 

पुष्टिप्रदायक पुष्य नक्षत्र का वारों में श्रेष्ठ गुरूवार से योग होने पर यह अति दुर्लभ गुरुपुष्यामृत योग कहलाता हैं |

‘सर्वसिद्धिकर: पुष्य’ इस शास्त्रवचन के अनुसार पुष्य नक्षत्र सर्वसिद्धिकर हैं | शुभ, मांगलिक कर्मों के संपादानये गुरुपुष्यामृत योग वरदान सिद्ध होता है | व्यापारिक कार्यों के लिए तो यह विशेष लाभदायी माना गया है |

इस योग में किया गया जप, ध्यान, दान, पुण्य महाफलदायी होता है; परन्तु पुष्य में विवाह व उससे सबंधित सभी माँगलिक कार्य वर्जित हैं | 

– पूज्य बापूजी