चंद्रग्रहण – ४ अप्रैल २०१५

chandra-grahan4 अप्रैल 2015 को चंद्रग्रहण है | सूतक शाम को 3 :45 से शुरू हो जायेगा और ग्रहण रात को 7:15 तक रहेगा |

उस समय बैठ के गुरुमंत्र का जप करना और जिनको समस्याएँ बहुत आती है वे लोग उस समस्याओं को नष्ट करने हेतु ग्रहण के समय एक तो चन्द्रमा को वंदन करना क्योंकि चंद्रग्रहण है |

चन्द्रमा को प्रणाम करते हुये –

ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:| ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम: | ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम: |

इसकी १–२ माला कर ली चंद्रग्रहण के समय और फिर १० माला –

ॐ ह्रीं नम: | ॐ ह्रीं नम: | ॐ ह्रीं नम: |ॐ ह्रीं नम: |

की १० माला करने से मंत्र सिद्ध होता है |

गुरुदेव का स्मरण करते हुये मन ही मन गुरुदेव से अनुमति लेकर १० माला जप करना कि हमारे जीवन में विघ्न बहुत है ये नष्ट होंगे हम ग्रहण के समय जप कर रहे है | हमारा मंत्र सिद्ध होगा | १० माला करने से मंत्र सिद्ध होता है फिर १-२ माला रोज करते रहे तो जिनके जीवन विघ्न आते है कोई भी वे नष्ट हो जायेंगे |

जप, ध्यान, महामृत्युंजय मन्त्र का पाठ, शिव स्तोत्र, हनुमानचालीसा का पाठ करे और विघ्न के बारे में सोचते न रहो | हनुमानजी की तरह, दूसरी वानर सेना सोच रही थी की समुद्र कैसे पार करेंगे ? हनुमानजी ये न सोचकर राम सुमिरन में तल्लीन, तो वो पार भी कर गये |