दादागुरु का वचन -(बापूजी की लीला- १३)

dadaguruदादागुरु का वचन

गुरुदेव ने साधन काल में अपने गुरुदेव लीलाशाह बापू के सान्निध्य में रहकर पूर्ण कृपा पायी थी | लीलाशाह बापू स्वयं बोलते थे की हमे एक संन्यासी ने बताया | पृथ्वीनाथ उस संन्यासी का नाम था | वो नाथ संप्रदाय के थे | तो कभी-कभी वो लीलाशाह बापू के दर्शन करने नैनीताल जाते थे | तो एक बार लीलाशाह बापूने पृथ्वीनाथ संन्यासी को कहा के पृथ्वीनाथ एक दिन ऐसा आयेगा जैसे गीता और भागवत को लोग आदर्श से पढ़ते है ऐसी इनकी वाणी बापूजी के तरफ ईशारे करके कहा इनकी वाणी आदर्श से पढेंगे | और आज हम देख रहे है की लोग आदर्श से पढ़ रहे है |
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