Guru Arjundev Shahidi Divas

guru arjun devji

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श्री गुरु अर्जुन देव जी को शहीदों का सरताज कहा जाता है। आप सिख धर्म के पहले शहीद थे जिनके बाद गुरु हरगोबिंद साहिब ने शांति के साथ-साथ सैनिक बनने का उपदेश दिया। आप का पालन-पोषण गुरु अमरदास जी तथा बाबा बुड्ढा जी जैसे महापुुरुषों की देखरेख में हुआ। गुरु रामदास जी के तीन सुपुत्र बाबा महादेव जी, बाबा पृथी चंद जी तथा गुरु अर्जुन देव जी थे। गुरु रामदास जी ने हर तरह की जांच-पड़ताल करने के बाद गुरु अर्जुुन देव जी को गुरुगद्दी सौंपी।

गद्दी संभालने के बाद गुरु अर्जुन देव जी ने लोक भलाई तथा धर्म प्रचार के कामों में तेजी ला दी। उन्होंने गुरु रामदास जी द्वारा शुरू किए गए सांझे निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी तथा संतोखसर एवं अमृतसर के विकास कार्यों को और भी तेज कर दिया। अमृत सरोवर के बीच इन्होंने हरिमंदिर साहिब जी का निर्माण कराया जिसका शिलान्यास मुसलमान फकीर साई मियांं मीर से करवा कर धर्म निरपेक्षता का सबूत दिया। उन्होंने नए नगर तरनतारन साहिब, करतारपुर साहिब (निकट जालंधर), छहर्टा साहिब, श्री हरगोबिंदपुर आदि बसाए।

About Asaram Bapuji

Asumal Sirumalani Harpalani, known as Asaram Bapu, Asharam Bapu, Bapuji, and Jogi by his followers, is a religious leader in India. Starting to come in the limelight in the early 1970s, he gradually established over 400 ashrams in India and abroad.