Guru Ki Kathorta

anek me ek

सत्संग के मुख्य अंश :
सद्गुरु की कठोरता में भी प्रेम है, सद्गुरु की कसोटी में संसार ताप के विनाश की युक्ति है, जो इसे जानता है वही सच्चा शिष्य है मेरी कठोरता से तेरे जन्म जन्मान्तर के पाप कर्म तथा अज्ञान के संस्कार नष्ट हो गए है…

गुरूजी की कठोरता पाप कटता है, गुरूजी का ज्ञान, अज्ञान कटता है और गुरूजी की प्रेम रूखापन हटा कर भगवान् का रस भरता है तभी भी भला……