ब्रह्म सिध्धांत – पुराना दुर्लभ सत्संग – आशारामजी बापू

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मुख्य अंश ;

  • ब्रह्मज्ञानी ही परब्रह्म परमात्मा
  • सन्यासईश्वार प्राप्ति की और
  • संसार एक झूठा सपना, यहाँ कोई अपना
  • समय पर जाग जाओ
  • शांतमान ही आत्मज्ञान का अधिकारी
  • ध्यान- एक रास्ता ईश्वर प्राप्ति की और
  • संत सतायें तीनों जायें, तेज बल और वंश
  • वसंत ऋतूविकास का ऋतु
  • आप अमर थे, है और रहेंगे
  • ब्रह्मज्ञानी का निवास स्थानपरंतीरथ