Harmful Macaulay Education System (मैकाले शिक्षा पद्धत्ति से नुकसान)

harmful memoryPart – 1

Part – 2

* मैकाले 1832 में भारत में घूम के गया और अपने यहाँ भाषण दिया, हिन्दुस्थान को जितना तेरी खीर खाना है ….

* हिन्दुस्थान में कोई भिखारी नहीं है, लोग आत्माभिमानी है, परायाधन हर्पते नहीं है, धोकादारी नहीं है, पत्नी – पति में भागवत भाव करती है, एक दूसरे के प्रति सहानुभूति है ….

* हिन्दुस्थानियों को अगर गुलाम बनाना हो तो इनको पहले अपने हिन्दू धाम से नफरत पैदा हो, हिन्दू शास्त्र से हिन्दू संतों से इनको नफरत पैदा की जाय, भारतीय वैदिक संस्कृति को निचा बताकर अपना अंग्रेजी कल्चर से वे लोग प्रभावित हो ऐसा अपने करना चाहिए …

* ऐसी गंधी मैकाले पद्धति ने पहेलियाँ की सब अंग्रेजी से प्रभावित हो गये …

* कौन से देश का पतन होता है, जिस देश के वासियों की बोलचाल परदेश के वासियों पर जाता है, जिस देश के वासियों का पेहराव परदेशी होने लगता है और जिस देश के वासी परदेश से प्रभावित होते हैं उस देश को कंगाल बनाना गुलाम बनाना आसान हो जाता है …

* जपानी, अमेरिका से  में आते हैं, लेकिन वो जपानी भाषा में ही बात करते है लेकिन हम हिंदुस्थान में रहते हैं पर  99% अंग्रेजी में बात करते हैं …

* ये काम केवल बापू का नहीं है आप सभी का है …. हमारी भारतीय संस्कृति वैदिक रीति रिवाज और परम्परा हिन्दुस्थान के लिये तो सुखदायी है लेकिन मानव मात्र को स्वास्थ्य जीवन सुखी जीवन सम्मानित जीवन चाहिये तो भारतीय संस्कृति की शरण ले उसका भला है इसमें ….

* हमारे देश की चीजें विदेश में घूम कर फिर हमारे देश में ही पेटेंट होकर आ जाती है, हम इतने प्रभावित हो गये पाश्चात्य कल्चर से पाश्चात्य कंपनी से और पाश्चात्य पैकिंग से की हमारा घर भी लुट गया हमारा संस्कृति का रित भात लुट गया … जितना बापूजी दायित्त्व है उतना ही तुम्हारा ही है ….

* वेलेंटाइन दिवस मनाने से नयी जनरेशन की तबाई हो रही है, इसकी अपेक्षा गणपति दिवस, माता-पिता दिवस मनावो …

* मैकाले पद्धति से भारत का बहुत-बहुत नुकसान हुआ है ….तो मैकाले पद्धति की गुलामी मत करना …