Ishwar Prapti Ke Liye Jeevan Me Koi Vrat Jaroor Rakhe

uttarakhand
सत्संग के मुख्य अंश :

* ऋषि मुनियों की बुद्धि में ३ चीजे होती है |

* जिसके जीवन में कोई कोई व्रत होता है वह बुद्धिमान होता है |

* व्रत हीन व्यक्ति भरोसे का पात्र नहीं है | जो व्रत पालता है वो अपना वचन भी पालता है |

* व्रत हीन व्यक्ति पर विश्वास भरोसा नहीं रखना |व्रती आदमी विश्वसनीय होता है |

* व्रतेन दीक्षाम माप्नोति | –जो व्रत रखता है उसके जीवन में दृढ़ता आती है |

* दीक्षाम माप्नोति श्रद्धा |

* श्रद्धाम सत्यम माप्नुयात |

* श्रद्धा से वह सत्यस्वरूप ईश्वर को पा लेगा |

* कोई न कोई जीवन में व्रत होना चाहिए |

* पूज्य बापूजी भी अपने जीवन में २ घंटे मौन रखने की व्रत रखते थे |

* व्रत रखने से मनुष्य के जीवन में श्रद्दा, दृढ़ता, और उस सत्यस्वरूप ईश्वर को पाने की योग्यता विकसित होती है |