खग्रास चन्द्रग्रहण 8 अक्टूबर 2014

Khagras Chandragrahan

खग्रास चन्द्रग्रहण

खग्रास चन्द्रग्रहण (ग्रहण समय : दोपहर 2-44 से शाम 6-05 तक) भारत के पूर्वोत्तर भाग में क्षणिक दिखेगा । जहाँ दिखेगा वहाँ नियम पालनीय हैं । जयपुर छोड के बाकी के राजस्थान में और गुजरात एवं मुंबई में ग्रहण के नियमों का पालन आवश्यक नहीं है । शेष सभी स्थानों में नियम पालनीय हैं । जिस स्थान में शाम 6 बजकर 5 मिनट पहले चन्द्रोदय होगा वहाँ ग्रहण दिखेगा । जैसे नागपुर महाराष्ट्र में चन्द्रोदय शाम 5 बजकर 54 मिनट में है तो ग्रहण का समय – 11 मिनट माना जायेगा और नियम पालने का समय 9 घंटा पहले प्रारम्भ हो जायेगा । अर्थात् सुबह 8 बजकर 54 से पहले भोजन कर लेना चाहिए । परंतु बूढ़े, बालक और रोगी ग्रहण के साढ़े चार घंटे पूर्व तक खा सकते हैं ।

नीचे कुछ प्रमुख शहरों के चन्द्रोदय का समय दिया जा रहा है ।

दिल्ली : शाम 5 बजकर 58 मिनट, चेन्नेई : शाम 5-54, कोलकाता : शाम 5-15, आगरा : शाम : 5-56, गयाजी : शाम 5-28, पटना : शाम 5-27, इलाहाबाद : शाम 5-41, हैदराबाद : शाम 5-59 , दिब्रुगढ : शाम 4-45, शिलोंग : शाम 5-59 , भोपाल : शाम 6-00

ग्रहण के समय करणीय-अकरणीय

  • ग्रहण-वेध के पहले जिन पदार्थों में कुश या तुलसी की पत्तियाँ डाल दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं होते । जबकि पके हुए अन्न का त्याग करके उसे गाय, कुत्ते को डालकर नया भोजन बनाना चाहिए ।
  • ग्रहण काल में स्पर्श किये हुए वस्त्र आदि की शुद्धि हेतु बाद में उसे धो देना चाहिए तथा स्वयं भी वस्त्रसहित स्नान करना चाहिए ।
  • ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरतमंदों को वस्त्र और उनकी आवश्यक वस्तु दान करने से अनेक गुना पुण्य होता है ।
  • ग्रहण के समय कोई भी शुभ या नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए ।
  • ग्रहण के समय गुरुमंत्र, इष्टमंत्र अथवा भगवन्नाम जप अवश्य करें, न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है ।
  • भगवान वेदव्यासजी ने कहा है – ‘‘सामान्य दिन से चन्द्रग्रहण में किया गया पुण्यकर्म (जप, ध्यान, दान आदि) एक लाख गुना और सूर्यग्रहण में दस लाख गुना फलदायी होता है । यदि गंगाजल पास में हो तो चन्द्रग्रहण में एक करोड़ गुना और सूर्यग्रहण में दस करोड़ गुना फलदायी होता है।”
  • ग्रहण की अधिक जानकारी : http://asaramjibapu.org/2014/10/06/grahan-me-kya-kare-kya-na-kare/