क्या आप चाहते है बापूजी जल्दी हमारे बीच आये …???

sankalp

सभी तरफ, सभी तरह, सभी स्तर के सभी प्रयासों  के बाद के बाद भी जब निराशा ही दामन में आई, तो एक आश्रय, एक ही आस नजर आती है, और वह है प्रार्थना …

उस अंतर्यामी से जिसने अपनी ओर लाने के लिए बापू के रूप में हमें वासनाओं,विकारों और असत्य से बचाकर अपनी दीक्षा रूपी अंगुली का सहारा दिया, संयम, सेवा, साधना के मार्ग पर चलना सिखाया …उस परम तत्व, परम सत्य की और बढ़ने की सत्प्रेरणा दी, इस मार्ग की शुष्कता हटाने के लिए अनुभव करावाकर रस चखाया, हमारी रूचि अनुसार कर्म, भक्ति और ज्ञानयोग में टिकने की योग्यता दी…  और भी सबको उनके हित अनुसार ऐसा कुछ दिया दिया जो शायद  शब्दों में नहीं आ सकता …  
 
तो क्या आप समझते है  कि बापूजी जैसे परम आश्रय या हितैषी मार्गदर्शक की अब आपको जरूरत नहीं …  ? क्या आप नहीं  चाहते कि उनका सानिध्य, उनके वचनामृत रूपी कर्म, भक्ति और ज्ञान की शीतल गंगा में  हम और आने वाली पीढ़ीयां पावन हो मुक्ति का अनुभव करें ? उनकी उन्नति कारक उपस्तिथी से हम सत्मार्ग से भटकने से बचते हुए मनुष्य जीवन को सफल बनायें ??
 
यदि चाहते है तो अपने सकारात्मक सत्य संकल्प को दृढ़ता से प्रार्थना के भाव में लगाते हुये प्रतिदिन
पूरे विश्व के साधक भाई-बहने  एक साथ एक ही समय में सुबह-शाम 6 से 6.15 बजे तक मात्र 15 मिनिट
“ॐ ॐ ॐ बापू जल्दी बाहर आओ ”  
का माला से या मानसिक जप अवश्य करें | 
चाहे घर पर हों या ऑफिस में , धधे में हों या दुकान में, बच्चे हो, जवान हो या वृद्ध सभी करें |   और जिससे हो सके तो निर्दोष बापूजी की  शीघ्र रिहाई के लिए रिहाई तक प्रतिदिन ॐ ह्रीं ॐ या ओमकार मंत्र की 120 माला अथवा  पवन तनय बल पवन समाना बुद्धि विवेक विज्ञान निधाना मंत्र  की 50 माला अवश्य करें | इसके लिए कम से कम 108 साधकों को प्रेरित करने की सेवा जरुर करें |
 
सभी गुरु भाई बहनों से शीघ्र ही ऐसे देवीय कर्तव्य में तत्परता से जुड़ने की कर बढ प्रार्थना और आशा के साथ 

 

One thought on “क्या आप चाहते है बापूजी जल्दी हमारे बीच आये …???

  1. Balkrishna Aggrawal

    हे भारत के सपूतो-सुपुत्रियो ! तुम हिम्मत मत हारना, निराश मत होना। अगर कभी असफल भी हुए तो हताश मत होना वरन् पुनः प्रयास करना। तुम्हारे लिए असम्भव कुछ भी नहीं होगा। ૐ…. ૐ…. ૐ….

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