Murti Puja Aur Guru Upasna (मूर्ति पूजा और गुरु उपासना)

murtipooja
सत्संग के मुख्य अंश  :

*बापू के बच्चे नहीं रहते कच्चे तो पक्के कैसे बने ? ….
* पक्का बनना के लिए उपाय शक्तिशालि बनो … शक्ति आती है संयम से, एकाग्रता से, शक्ति के नियम पालने से शक्ति आती हैं …..
* शक्ति से साथ भक्ति नहीं होगी तो शक्ति अनर्थ कर देगी, तो भगवान् की भक्ति होनी चाहिये, बिना भक्ति के रस नहीं आयेगा …..
* भक्ति भगवान् कीई जाती है, भगवान् की भक्ति के लिए मूर्ति होती हैं …….
* जितनी अपनी श्रद्धा होगी, पूजा होगी, विधि होगी उतना मूर्ति से लाभ होता है ….
* दूसरी होती है गुरु उपासना, गुरु साक्षात् मूर्ति है, गुरु के साथ का जो समय है वो कई प्रकार का सत्संग हो जाता हैं …..
* मूर्ति की पूजा में तो अपनी श्रद्धा होती है और गुरु की उपासना में गुरु का भी संकल्प होता हैं …
* गुरु में जो आत्मा है वही वही सब में वही परमात्मा हैं ….
* जो हरि कहते और गुरु को कहते और …….