निश्चिन्त होते जाओ – मौन साधना – संत श्री आशारामजी बापू

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तात्विक सत्संग : –

निश्चिन्त, निर्भिक और आत्मियता से जियो। ये तिन सूत्र जानो …।

जो तुम्हे दुर्बल बनाये उसे त्यागो ।

मुक्तानंद स्वामी और भक्त की कथा |

विश्रांति का प्रयोग |

भगवान किसी देश, काल, वस्तु, अवस्था मे है ऐसी भ्रमणा छोड दो ।

सूक्ष्म अहंकार क्या है?

श्वासों-श्वास का तारिका।

शत्रु-विरोधियों को भगवान प्रेरित करते हैं?

कुत्ते के पिल्लो को कौन प्रेरित करते हैं?