Prakriti Ke Teen Sidhant

manushya aap

सत्संग के  मुख्य अंश –

तीन सिद्धांत पक्के है वैदिक – एक तो वासुदेव सर्वमिति, ये आत्मा बब्रह्मरूप है, जिस समय अपना जो कर्तव्य है पूरा तत्परता से करो |

ज्ञान के बिना उद्वेग, अवेश और परिस्तिथियों के प्रभाव से सुरक्षा नहीं होती |

योग का उद्देश्य अगर आत्माज्ञान नहीं तो योग भी वियोग हो जायेगा |

युद्ध के समय सुरमा होकर युद्ध कर लेकिन अंदर से सुरता बनी रहे जलालउद्धीन रोमी ने कहा |

ख़ुशी से कहा खुसी से पे अगर है सुख मिलने का तो हरदम लगता जा …

शरीर कभी बीमार हो तो ये बेवकूफी मत करो की शरीर बीमार है, मन में कभी दुःख आये तो, बुद्धि में कभी राग-द्वेष आये तो ये नहीं सोचो की मेरे में राग-द्वेष है, मुझ आत्मा में कुछ नहीं है |