प्रार्थना का महत्व

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हे भगवान हम तुम्हारे हैं | हे भगवान तुम्हारी भक्ति दो, प्रीति दो | हम तुम्हारा नाम जपे, तंदुरुस्त रहेंगे, खुश रहेंगे | अपने-अपने घर में तुम्हारे नाम का उच्चारण करेंगे | तालियाँ बजायेंगे और आपके नाम का उच्चारण करेंगे तो आप हमारे पर खुश हो जाओगे न भगवान | जैसे बच्चा माँ के साथ हँसता है तो माँ खुश होती है न | पिता के साथ बच्चा हँसता है तो पिता भी खुश होता है | ऐसे ही भगवान के साथ हँसो | हे भगवान हरी ओम……राम……| दिन में १-२ दो बार ऐसा करोगे तो आपके चेहरे पर भगवान की कृपा आएगी | प्रभाव बढ़ेगा | निरोग रहोगे | और जो खुश रहते हैं न उनको देख क्र दूसरे भी खुश होते हैं | मैं दुखी हूँ प्रेषण हूँ तो परेशानी बढती है | कुत्ता भौकता है, पीछे पड़ता है अगर डरते हो तो और अगर खड़े हो जाते हो तो चुप हो जाता है | मैं तो ऐसी जगह रह के आया जहाँ भूखा चीता था उसने मुझे खाया नही | बहुत लम्बा-चौड़ा था | भगवान का नाम जपते हैं तो भगवान सबको सद्बुद्धि देते हैं | रत को प्रार्थना करके सोओंहे भगवान मैं तेरी गोद में आ रहा हूँ | मुझे सद्बुद्धि देना, तेरी भक्ति देना | हरी ओम….. | और सुबह उठो तो हरी ओम…… थोड़ी देर बिस्तर पर बैठे रहो | तो भगवान देखेंगे के ये तो मेरा भक्त है | बहुत फायदा होता है | भगवान की भक्ति नही करे तो वो मनुष्य क्या है पशु है | ऐसे तो कुत्ते भी भौकते रहते हैं | ऐसे ही बड-बड किया तो क्या काम का | भगवान का नाम लेना चाहिए | घर में तुलसी का पौधा होता है तो घर में निरोगता रहती है