पूज्यश्री का “शक्ति संदेश”…!!!

sandesh

 

One thought on “पूज्यश्री का “शक्ति संदेश”…!!!

  1. Balkrishna Aggrawal

    निःस्वार्थता, लोभरहित एवं निष्कामता मनुष्य को देवत्व प्रदान करती हैं। जबकि स्वार्थ और लोभ मनुष्य को मनुष्यता से हटाकर
    दानवता जैसी दुःखदायी योनियों में भटकाते हैं। जहाँ स्वार्थ है वहाँ आदमी असुर हो जाता है। जबकि निःस्वार्थता और निष्कामता से
    उसमें सुरत्व जाग उठता है।

    भुबनेश्वर में सुप्रचार प्रभातफेरी http://wp.me/p4kpef-8N via @ http://www.santasaramji.org/

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