रायपुर में गीता जयंती पर कीर्तन यात्रा

 

 

गीता जयंती 

रायपुर (छग.) में गीता जयंती पर्व के उपलक्ष्य पर कीर्तन यात्रा निकलकर लोगो को गोउ व गीता की महत्वा बताया गया |

आज के चिंताग्रस्त, अशांत मानव को गीता के ज्ञान की अत्यंत आवश्यकता है । भोग-विलास के आकर्षण व कूड़-कपट से प्रभावित होकर पतन की खाई में गिर रहे समाज को गीता-ज्ञान सही दिशा दिखाता है । उसे मनुष्य-जन्म के परम लक्ष्य ईश्वरप्राप्ति, जीते-जी ईश्वरीय शांति एवं अलौकिक आनंद की प्राप्ति तक सहजता से पहुँचा सकता है । अतः मानवता का कल्याण चाहनेवाले पवित्रात्माओं को गीता-ज्ञान घर-घर तक पहुँचाने में लगना चाहिए । – पूज्य संत श्री आशारामजी बापू

| गीता में है हर समस्या का समाधान |

गीता के १८वें अध्याय का आखिरी श्लोक २१ बार जपकर जाय तो काम-धंधा बढ़िया चलेगा । श्लोक है :

यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः । तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम ।।

* भोजन के पहले गीता के पन्द्रहवें अध्याय का पाठ करें । इससे भोजन भगवत्प्रसाद बन जाता है ।

* मृतात्माओं की शांति तथा सद्गति के लिए श्रीमद्भगवद्गीता के सातवें अध्याय का पाठ करना चाहिए ।

 

DSC02585

 

 

DSCN6544haribhoomi dabang duniya