Seceret behind Good Health of Pujya Bapuji

Arogya
पूज्य बापूजी के अच्छे स्वास्थ्य का राज (परम पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की अमृतवाणी)

सत्संग के मुख्य अंश :  स्वस्थ रहने की कुंजी —

* गो-चन्दन अगरबत्ती में गाय का घी बूँद-बूँद करके डाले और प्राणायाम,जप आदि करें तो १० किलो भोजन जितनी उर्जा मिलती है |

* श्वास रोककर १० दंड बैठक करें तो हार्ट-अटैक नही होगा |

* वज्रासन में बैठकर श्वास बाहर रोककर पेट को अंदर बाहर करें |

* सर्वांगासन ५ मिनट, पाद पश्चिमोत्तासन ५ मिनट करें |

* सूर्य के किरण में घूमें और कभी-कभी रात को खाये बिना जल्दी सो जायें तो उपवास रोग और थकान को ठीक कर देती है |

* कभी-कभी कुंवार पाठे का रस या तुलसी के पत्तों का रस नीम्बू के साथ पियें |

* कभी अंजीर या एक कागजी बादाम चबा-चबा के खाये |

* बहरापन न हो तो कान में तेल डालें और नाक में गाय का घी १-२ बूँद जिससे दिमाग अच्छा रहता है सिरदर्द आदि नहीं होता ज्ञान तंतु पुष्ट होता है |

* पहले का खाया हुआ पूरी तरह पच जाये फिर खाये तो शरीर स्वस्थ रहता है |

* रात को देर से न खाये और सुपाच्य खाएं सूर्यास्त के पहले-पहले खाना खा लें |

* थोड़ी देर अंतरात्मा में शांत बैठो और रात को सत्संग सुनते-सुनते नि:संकल्प अवस्था में सोयें |