Spiritual Question – Answer Session

spritiualQइस सत्संग के मुख्यअंश – 

• संसार नश्वर है, मिथ्था है , यह सत्संग में सुनने मिलता है, फिर भी संसार में मन क्यों भागता है ?
• दिन भर हम सुमिरन करते है फिर भी मन क्यों भटकता है ?
• जब प्राणायम क्रिया /ध्यान क्रिया होती है तब तिलक करने के जगह में बहुत तेज होती है इसका क्या कारण ?
• बार-बार सत्संग और भगवान नाम की महिमा सुनने पर भी ईश्वर प्राप्ति की इच्छा क्यों नहीं जगती ?
• मैं गुरुतत्त्व से एकाकार होना चाहती हूँ क्या करें ?
• भगवान तो सबके अंदर होते है फिर भी कोई अच्छा और कोई बुरा क्यों बनता है ?
• हमसे ऐसा क्या करना चाहिये जिससे हमारी भक्ति बढ़ें ?
• मैंने हिमालय पे साधना की है फिर भी पूरा साक्षात्कार क्यों नहीं हुआ ? 
• कृष्णा भगवान ने कहाँ है की मैं जल, अग्नि, वायु में प्रवेश होकर भी प्रवेश नहीं हूँ, इसका मतलब क्या है ?
• कभी-कभी ४- ५ दिन लगातार पूजा करने के बाद मन भगवान या पूजा में नहीं लगता, मेरी साधना कैसे आगे बढ़ेगी ?
• हमें माला करते-करते नींद आती हो तो क्या करें ?
• मुझे गुस्सा बहुत आता है, मैं काया करूँ ?
• हमें पता है की भगवान हमारे है, संसार नश्वर है फिर कभी दुःख होता है तो मन उसकी चिंता में रहेता है, ऐसा क्यूँ ?