Time Required for Self Realization

Time reslisation
सत्संग के मुख्य अंश :

* अगर तड़प सचमुच में हो तो भगवान तुरंत आते हैं जैसे बच्चा माँ के लिए सचमुच में रोता है तो माँ सारे काम छोड़कर दौड़ी चली आती है ऐसे ही भगवद नाम में जितनी पुकार तेज हो उतने जल्दी भगवान आते हैं |

* पुकार जितनी बढ़ेगी उतने कम समय में काम होगा |

* षट्वांग राजा को २ मुहुर्त में, जनक जी को घोड़े के रकाब में पैर डालते-डालते, राजा परीक्षित को ७ दिन में हो गया |

* गोरखपुर में एक संत (स्वामी रामसुखदास जी) ने सत्संग में कहा – पूरी तड़प हो तो एक दिन भी बहुत है, ईश्वर के लिए तड़प खूब हो और ईश्वर न आये तो ऐसे ईश्वर को मर जाना चाहिए |

* सेवाराम जी को तड़प थी, भगवान के लिए रोते थे, वो घर गये और भगवान के लिए तड़पने लगे, फिर धीरे-धीरे सुगंध आई, २४ घन्टे हो गये पर ईश्वर नहीं प्रकट हुए |

* सेवाराम जी ने संत जी से कहा तो उन्होंने बोला – तुम्हारे मन में खटक थी कि भगवान इतनी जल्दी कैसे आयेंगे इसी खटक ने भगवान को प्रकट करने में रूकावट डाली |

* भगवान के सिवाय संसार में कुछ मज़ा लेने का विचार आया तो ये बहाने बाज़ी मन की है भगवान की प्रेरणा नहीं |

* स्वामी रामतीर्थ जी रोज रात में भगवान के लिए रोते थे उनका तकिया भीग जाता था और १ साल के अंदर भगवान प्रकट हो गए जब वो अमेरिका गए तो उस समय के प्रेसिडेंट रूजवेल्ट ने कहा — भारत देश ने कई ईसा मसीहों को प्रकट किया है उनमे से एक के आज दर्शन हो गये |