विकार से बचाओ एवं स्वास्थ्य की रक्षा

111111111जिनको तबियत अच्छा करना है वे धीरे-धीरे श्वास रोक कर, फिर गुरु मंत्र का जप करें, फिर श्वास छोड़े और श्वास बाहर छोडकर ५०-६० सेकंड अपना गुरु मंत्र जपे | इससे निरोग भी रहेंगे, निर्भय भी रहेंगे और निर्विकार होने में भी मदद मिलेगी | २-३ बार स्वास अंदर रोके और २-३ बार बाहर, एक बार अंदर रोके, एक बार बाहर रोके, दोनों मिलाकर १ प्राणायाम | अगर ३ प्राणायाम भी करने लग गए तो आसानी से रोग और विकार भगाने में तुम सफल हो जाओगे, खाली ३ प्राणायाम | सवा से डेढ़ मिनट श्वास रोके | मैं पहले सवा मिनट रोकता था अब डेढ़ मिनट थोडा कम-ज्यादा अंदर रोकता हूँ | पहले ४० सेकंड रोकता था, फिर ५०, अब ६० सेकंड बाहर रोकता हूँ | अब ज्यादा पावरफुल हो गया, विकार भी भाग जाते हैं और रोग भी भाग जाते हैं, थकान भी भाग जाती है | ये प्राणायाम करके लेट जाये शवासन में, कैसी भी थकान हो, मिटती है |