विकारों पर नियंत्रण कैसे पाये

pyare sadguruji

Sant Asharamji Bapu

विकारों पर नियंत्रण हेतु
(पूज्य बापूजी)
अपने में जो कमजोरी है, जो भी दोष हैं उस कमजोरी को, उन दोषों को निम्न मंत्र द्वारा स्वाहा कर दो । दोषों को याद करके मंत्र के द्वारा मन-ही-मन उसकी आहुति दे डालो, स्वाहा कर दो ।
मंत्र – ॐ अहं तं जुहोमि स्वाहा । ‘तं’ की जगह पर विकार या दोष का नाम लें ।
जैसे – ॐ अहं वृथावाणीं जुहोमि स्वाहा ।
ॐ अहं कामविकारं जुहोमि स्वाहा ।
ॐ अहं चिन्तादोषं जुहोमि स्वाहा ।
जो विकार तुम्हें आकर्षित करता है उसका नाम लेकर मन में ऐसी भावना करो कि ‘मैं अमुक विकार को भगवद्-कृपा में स्वाहा कर रहा हूँ ।’ इस प्रकार अपने दोषों को नष्ट करने के लिए मानसिक यज्ञ अथवा वस्तुजन्य (यज्ञ-सामग्री से) यज्ञ करो । इससे थोड़े ही समय में अंतःकरण पवित्र होने लगेगा, चरित्र निर्मल होगा, बुध्दि फूल जैसी हलकी व निर्मल हो जायेगी, निर्णय ऊँचे होंगे । थोड़े-से इस श्रम से ही बहुत लाभ होगा । आपका मन निर्दोषता में प्रवेश पायेगा और ध्यान-भजन में बरकत आयेगी ।